इवैल्यूएशन अकाउंट एक सिम्युलेटेड ट्रेडिंग अकाउंट है, जिसका इस्तेमाल prop firms किसी ट्रेडर को फंडेड अकाउंट देने से पहले उसकी स्किल, अनुशासन और रिस्क मैनेजमेंट परखने के लिए करती हैं। ट्रेडर्स को असली बाज़ार की परिस्थितियों में ट्रेड करते हुए प्रॉफ़िट टारगेट, drawdown लिमिट और ट्रेडिंग पाबंदियों जैसे पहले से तय नियमों का पालन करना होता है।
भले ही कैपिटल सिम्युलेटेड हो, ट्रेडिंग का माहौल लाइव मार्केट जैसा ही होता है। इवैल्यूएशन अकाउंट पर प्रदर्शन से तय होता है कि ट्रेडर फंडेड अकाउंट के लिए क्वालिफ़ाई करता है या नहीं।
प्रॉप ट्रेडिंग में इवैल्यूएशन अकाउंट क्यों मायने रखता है
इवैल्यूएशन अकाउंट फंडेड ट्रेडर बनने का दरवाज़ा है। इससे prop firms ऐसे ट्रेडर्स पहचान पाती हैं जो असली कैपिटल को बेवजह जोखिम में डाले बिना लगातार ट्रेड कर सकते हैं। ट्रेडर्स के लिए यह एक व्यवस्थित प्लेटफ़ॉर्म पर अपना अनुशासन और स्ट्रैटेजी का एग्ज़िक्यूशन दिखाने का मौका है।
इवैल्यूएशन के नियम समझना बहुत ज़रूरी है। कई ट्रेडर्स खराब स्ट्रैटेजी की वजह से नहीं, बल्कि drawdown लिमिट पार करने या कंसिस्टेंसी की शर्तें तोड़ने जैसे नियम उल्लंघन की वजह से फ़ेल होते हैं। इवैल्यूएशन अकाउंट को असली फंडेड अकाउंट की तरह संभालने से पास होने और आगे बढ़ने की संभावना बढ़ती है।
इवैल्यूएशन अकाउंट का उदाहरण
एक ट्रेडर 10% प्रॉफ़िट टारगेट और तय drawdown लिमिट वाला 1,00,000 का इवैल्यूएशन अकाउंट खरीदता है। सभी नियमों का पालन करते हुए ज़रूरी मुनाफ़ा हासिल करने के बाद ट्रेडर इवैल्यूएशन पास कर लेता है और उसे उसी साइज़ का फंडेड अकाउंट ऑफ़र किया जाता है।



