Copy trading एक ट्रेडिंग तरीका है, जिसमें एक अकाउंट के ट्रेड अपने आप दूसरे अकाउंट पर दोहराए जाते हैं। इससे ट्रेडर्स खुद ट्रेड लगाए बिना किसी स्ट्रैटेजी प्रोवाइडर के कदमों की नकल कर सकते हैं। कनेक्ट होने के बाद खरीद और बिक्री के ऑर्डर पहले से तय रिस्क सेटिंग के आधार पर एक साथ एग्ज़िक्यूट होते हैं।
प्रॉप ट्रेडिंग में copy trading पर अक्सर पाबंदी होती है या कड़ी नज़र रखी जाती है। कुछ फ़र्म खास शर्तों के साथ इसकी अनुमति देती हैं, जबकि कुछ नियमों से बचने या अकाउंट की डुप्लिकेसी रोकने के लिए इसे पूरी तरह बैन कर देती हैं।
प्रॉप ट्रेडिंग में copy trading क्यों मायने रखती है
copy trading उन ट्रेडर्स की कुशलता बढ़ा सकती है जो कई अकाउंट मैनेज करते हैं या अलग-अलग प्लेटफ़ॉर्म पर एक ही स्ट्रैटेजी इस्तेमाल करते हैं। इससे एग्ज़िक्यूशन में देरी कम होती है और ट्रेड में एंट्री के फ़ैसलों से भावनाएँ हट जाती हैं। लेकिन प्रॉप ट्रेडिंग में फ़र्म को यह पक्का करना होता है कि हर अकाउंट में फ़ैसले स्वतंत्र रूप से लिए गए हों।
copy trading के नियम समझना बहुत ज़रूरी है। बिना अनुमति कॉपी करने पर तुरंत ब्रीच हो सकता है और अकाउंट बंद किया जा सकता है। जिन ट्रेडर्स को copy trading की अनुमति है, उन्हें यह पक्का करना चाहिए कि लॉट साइज़, ट्रेड की संख्या और एग्ज़िक्यूशन सभी रिस्क लिमिट के अंदर रहें, ताकि वे नियमों का पालन करते रहें।
Copy trading का उदाहरण
एक ट्रेडर मास्टर अकाउंट पर मैन्युअली ट्रेड करता है, जबकि उससे जुड़ा एक इवैल्यूएशन अकाउंट हर ट्रेड को रियल टाइम में अपने आप कॉपी करता है। अगर prop firm copy trading की अनुमति देती है, तो दोनों अकाउंट में पोज़िशन साइज़ सेटिंग के हिसाब से एक जैसी एंट्री और एग्ज़िट दिखती हैं। अगर copy trading की अनुमति नहीं है, तो यह सेटअप ब्रीच माना जाएगा।



